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VedicSpaceपंचांगबेंगलुरु › 2026-10-12

बेंगलुरु पंचांग — 12 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, स्वाती नक्षत्र · सोमवार · कर्नाटक (12.9716°, 77.5946°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बेंगलुरु (12.9716°, 77.5946°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 10:13 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रस्वाती · पाद 2तक 11:52 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगविष्कुम्भतक 08:32 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 09:48 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त06:03 PM
चन्द्रोदय07:25 AM
चन्द्रास्त07:02 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल02:42 PM – 04:24 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:38 AM – 09:07 AM
गुलिक काल01:35 PM – 03:04 PM
यमगण्ड10:36 AM – 12:06 PM
वर्ज्यम्04:32 AM – 06:14 AM
अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:29 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:52 PM – 03:40 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:09 AM – 07:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:38 AM – 09:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:07 AM – 10:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:36 AM – 12:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:06 PM – 01:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:35 PM – 03:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:04 PM – 04:33 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:33 PM – 06:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:03 PM – 07:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:33 PM – 09:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:04 PM – 10:35 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:35 PM – 12:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:06 AM – 01:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:36 AM – 03:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:07 AM – 04:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:38 AM – 06:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle