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VedicSpaceपंचांगबेंगलुरु › 2026-10-24

बेंगलुरु पंचांग — 24 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · कर्नाटक (12.9716°, 77.5946°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बेंगलुरु (12.9716°, 77.5946°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 01:37 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 2तक 08:32 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगव्याघाततक 08:01 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 01:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:11 AM
सूर्यास्त05:56 PM
चन्द्रोदय04:33 PM
चन्द्रास्त04:10 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:40 AM – 12:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:35 AM – 05:23 AM
अमृत काल04:03 PM – 05:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:07 AM – 10:35 AM
गुलिक काल06:11 AM – 07:39 AM
यमगण्ड01:31 PM – 02:59 PM
वर्ज्यम्06:42 AM – 08:16 AM
दुर्मुहूर्त09:19 AM – 10:06 AM
दुर्मुहूर्त02:01 PM – 02:48 PM

दिन चौघड़िया

काल06:11 AM – 07:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:39 AM – 09:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:07 AM – 10:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:35 AM – 12:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:03 PM – 01:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:31 PM – 02:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:59 PM – 04:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:27 PM – 05:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:56 PM – 07:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:27 PM – 08:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:59 PM – 10:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:31 PM – 12:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:03 AM – 01:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:35 AM – 03:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:07 AM – 04:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:39 AM – 06:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle