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VedicSpaceपंचांगबेंगलुरु › 2026-12-21

बेंगलुरु पंचांग — 21 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, भरणी नक्षत्र · सोमवार · कर्नाटक (12.9716°, 77.5946°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बेंगलुरु (12.9716°, 77.5946°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 05:36 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रभरणी · पाद 3तक 01:09 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 01:32 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 07:00 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:36 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चन्द्रोदय03:15 PM
चन्द्रास्त03:21 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:00 AM – 05:48 AM
अमृत काल09:21 AM – 10:49 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:01 AM – 09:26 AM
गुलिक काल01:42 PM – 03:08 PM
यमगण्ड10:52 AM – 12:17 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:54 AM – 12:40 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:56 PM – 03:42 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:36 AM – 08:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:01 AM – 09:26 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:26 AM – 10:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:52 AM – 12:17 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:17 PM – 01:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:42 PM – 03:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:08 PM – 04:33 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:33 PM – 05:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:59 PM – 07:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:33 PM – 09:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:08 PM – 10:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:42 PM – 12:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:17 AM – 01:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:52 AM – 03:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:26 AM – 05:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:01 AM – 06:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle