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VedicSpaceपंचांगबेंगलुरु › 2027-01-23

बेंगलुरु पंचांग — 23 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, पुष्य नक्षत्र · शनिवार · कर्नाटक (12.9716°, 77.5946°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बेंगलुरु (12.9716°, 77.5946°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 02:13 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 4तक 07:31 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगप्रीतितक 09:38 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 02:13 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:46 AM
सूर्यास्त06:17 PM
चन्द्रोदय07:22 PM
चन्द्रास्त07:18 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:10 AM – 05:58 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:38 AM – 11:05 AM
गुलिक काल06:46 AM – 08:12 AM
यमगण्ड01:57 PM – 03:24 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:50 AM – 10:36 AM
दुर्मुहूर्त02:26 PM – 03:12 PM

दिन चौघड़िया

काल06:46 AM – 08:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:12 AM – 09:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:38 AM – 11:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:05 AM – 12:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:31 PM – 01:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:57 PM – 03:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:24 PM – 04:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:50 PM – 06:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:17 PM – 07:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:50 PM – 09:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:24 PM – 10:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:57 PM – 12:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:31 AM – 02:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:05 AM – 03:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:38 AM – 05:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:12 AM – 06:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle