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VedicSpaceपंचांगबेंगलुरु › 2027-04-16

बेंगलुरु पंचांग — 16 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · शुक्रवार · कर्नाटक (12.9716°, 77.5946°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बेंगलुरु (12.9716°, 77.5946°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 11:22 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 4तक 08:18 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 02:58 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 11:22 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:07 AM
सूर्यास्त06:33 PM
चन्द्रोदय02:35 PM
चन्द्रास्त02:26 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:44 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:31 AM – 05:19 AM
अमृत काल06:54 AM – 08:25 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:46 AM – 12:20 PM
गुलिक काल07:40 AM – 09:13 AM
यमगण्ड03:26 PM – 04:59 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:05 AM – 11:55 AM
दुर्मुहूर्त02:24 PM – 03:14 PM

दिन चौघड़िया

चर06:07 AM – 07:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:40 AM – 09:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:13 AM – 10:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:46 AM – 12:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:20 PM – 01:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:53 PM – 03:26 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:26 PM – 04:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:59 PM – 06:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:33 PM – 07:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:59 PM – 09:26 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:26 PM – 10:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:53 PM – 12:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:20 AM – 01:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:46 AM – 03:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:13 AM – 04:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:40 AM – 06:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle