VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगबेंगलुरु › 2027-08-05

बेंगलुरु पंचांग — 5 अगस्त 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · कर्नाटक (12.9716°, 77.5946°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बेंगलुरु (12.9716°, 77.5946°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 02:27 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 4तक 09:19 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगपरिघतक 06:48 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 03:44 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:06 AM
सूर्यास्त06:46 PM
चन्द्रोदय08:50 AM
चन्द्रास्त09:04 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:30 AM – 05:18 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:01 PM – 03:36 PM
गुलिक काल09:16 AM – 10:51 AM
यमगण्ड06:06 AM – 07:41 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:42 PM – 02:32 PM
दुर्मुहूर्त05:04 PM – 05:55 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:06 AM – 07:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:41 AM – 09:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:16 AM – 10:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:51 AM – 12:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:26 PM – 02:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:01 PM – 03:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:36 PM – 05:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:11 PM – 06:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:46 PM – 08:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:11 PM – 09:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:36 PM – 11:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:01 PM – 12:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:26 AM – 01:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:51 AM – 03:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:16 AM – 04:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:41 AM – 06:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle