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VedicSpaceपंचांगभोपाल › 2026-07-30

भोपाल पंचांग — 30 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, श्रवण नक्षत्र · गुरुवार · मध्य प्रदेश (23.2599°, 77.4126°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भोपाल (23.2599°, 77.4126°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 09:30 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रश्रवण · पाद 3तक 05:43 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 12:05 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:51 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त07:04 PM
चन्द्रोदय07:46 PM
चन्द्रास्त06:10 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल06:17 AM – 08:01 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:06 PM – 03:45 PM
गुलिक काल09:08 AM – 10:47 AM
यमगण्ड05:50 AM – 07:29 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:46 PM – 02:39 PM
दुर्मुहूर्त05:18 PM – 06:11 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:50 AM – 07:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:29 AM – 09:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:08 AM – 10:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:47 AM – 12:27 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:27 PM – 02:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:06 PM – 03:45 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:45 PM – 05:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:24 PM – 07:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:04 PM – 08:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:24 PM – 09:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:45 PM – 11:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:06 PM – 12:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:27 AM – 01:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:47 AM – 03:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:08 AM – 04:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:29 AM – 05:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle