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VedicSpaceपंचांगभोपाल › 2026-09-03

भोपाल पंचांग — 3 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · गुरुवार · मध्य प्रदेश (23.2599°, 77.4126°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भोपाल (23.2599°, 77.4126°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 02:25 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 12:29 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्याघाततक 06:33 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 03:27 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:03 AM
सूर्यास्त06:36 PM
चन्द्रोदय10:46 PM
चन्द्रास्त11:44 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:54 AM – 12:44 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:27 AM – 05:15 AM
अमृत काल10:16 PM – 11:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:53 PM – 03:27 PM
गुलिक काल09:11 AM – 10:45 AM
यमगण्ड06:03 AM – 07:37 AM
वर्ज्यम्01:10 PM – 02:41 PM
दुर्मुहूर्त01:34 PM – 02:25 PM
दुर्मुहूर्त04:55 PM – 05:45 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:03 AM – 07:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:37 AM – 09:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:11 AM – 10:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:45 AM – 12:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:19 PM – 01:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:53 PM – 03:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:27 PM – 05:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:01 PM – 06:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:36 PM – 08:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:01 PM – 09:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:27 PM – 10:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:53 PM – 12:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:19 AM – 01:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:45 AM – 03:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:11 AM – 04:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:37 AM – 06:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle