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VedicSpaceपंचांगभोपाल › 2026-11-08

भोपाल पंचांग — 8 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · रविवार · मध्य प्रदेश (23.2599°, 77.4126°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भोपाल (23.2599°, 77.4126°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 11:28 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 07:24 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 03:03 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 11:28 AMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:29 AM
सूर्यास्त05:39 PM
चन्द्रोदय05:32 AM
चन्द्रास्त04:44 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:41 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:53 AM – 05:41 AM
अमृत काल10:31 PM – 12:13 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:15 PM – 05:39 PM
गुलिक काल02:51 PM – 04:15 PM
यमगण्ड12:04 PM – 01:27 PM
वर्ज्यम्12:18 PM – 02:01 PM
दुर्मुहूर्त04:09 PM – 04:54 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:29 AM – 07:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:52 AM – 09:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:16 AM – 10:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:40 AM – 12:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:04 PM – 01:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:27 PM – 02:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:51 PM – 04:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:15 PM – 05:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:39 PM – 07:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:15 PM – 08:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:51 PM – 10:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:27 PM – 12:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:04 AM – 01:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:40 AM – 03:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:16 AM – 04:52 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:52 AM – 06:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle