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VedicSpaceपंचांगभोपाल › 2027-01-29

भोपाल पंचांग — 29 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, स्वाती नक्षत्र · शुक्रवार · मध्य प्रदेश (23.2599°, 77.4126°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भोपाल (23.2599°, 77.4126°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 04:58 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 01:54 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशूलतक 04:13 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 04:25 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त06:06 PM
चन्द्रोदय12:10 AM
चन्द्रास्त11:20 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:11 PM – 12:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:25 AM – 06:13 AM
अमृत काल05:35 PM – 07:17 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:10 AM – 12:33 PM
गुलिक काल08:24 AM – 09:47 AM
यमगण्ड03:19 PM – 04:42 PM
वर्ज्यम्07:25 AM – 09:07 AM
दुर्मुहूर्त11:27 AM – 12:11 PM
दुर्मुहूर्त02:24 PM – 03:08 PM

दिन चौघड़िया

चर07:01 AM – 08:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:24 AM – 09:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:47 AM – 11:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:10 AM – 12:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:33 PM – 01:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:56 PM – 03:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:19 PM – 04:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:42 PM – 06:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:06 PM – 07:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:42 PM – 09:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:19 PM – 10:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:56 PM – 12:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:33 AM – 02:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:10 AM – 03:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:47 AM – 05:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:24 AM – 07:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle