VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2025-09-23
शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, हस्त नक्षत्र · मङ्गलवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वितीया | तक 04:52 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | हस्त · पाद 3 | तक 01:40 PM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | ब्रह्म | तक 08:23 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 03:51 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:36 AM |
| सूर्यास्त | 05:42 PM |
| चन्द्रोदय | 06:41 AM |
| चन्द्रास्त | 06:26 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:14 AM – 12:03 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:00 AM – 04:48 AM |
| अमृत काल | 06:40 AM – 08:25 AM |
| राहु काल | 02:40 PM – 04:11 PM |
| गुलिक काल | 11:39 AM – 01:09 PM |
| यमगण्ड | 08:37 AM – 10:08 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:26 AM – 11:14 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:40 PM – 02:28 PM |
| रोग | 05:36 AM – 07:06 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:06 AM – 08:37 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:37 AM – 10:08 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:08 AM – 11:39 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:39 AM – 01:09 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:09 PM – 02:40 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:40 PM – 04:11 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:11 PM – 05:42 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 05:42 PM – 07:11 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:11 PM – 08:40 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:40 PM – 10:09 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:09 PM – 11:39 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:39 PM – 01:08 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:08 AM – 02:37 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:37 AM – 04:06 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:06 AM – 05:36 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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