VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2025-10-20
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, हस्त नक्षत्र · सोमवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | तक 03:45 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | हस्त · पाद 2 | तक 08:16 PM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | वैधृति | तक 02:34 AM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | शकुनि | तक 03:45 PM | स्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित। |
| सूर्योदय | 05:43 AM |
| सूर्यास्त | 05:20 PM |
| चन्द्रोदय | 04:37 AM |
| चन्द्रास्त | 04:28 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:07 AM – 04:55 AM |
| अमृत काल | 01:22 PM – 03:08 PM |
| राहु काल | 07:10 AM – 08:37 AM |
| गुलिक काल | 12:58 PM – 02:25 PM |
| यमगण्ड | 10:04 AM – 11:31 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:08 AM – 11:54 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 02:14 PM – 03:00 PM |
| अमृत | 05:43 AM – 07:10 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:10 AM – 08:37 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:37 AM – 10:04 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:04 AM – 11:31 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:31 AM – 12:58 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:58 PM – 02:25 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:25 PM – 03:52 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:52 PM – 05:20 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 05:20 PM – 06:52 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 06:52 PM – 08:25 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:25 PM – 09:58 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:58 PM – 11:31 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:31 PM – 01:04 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:04 AM – 02:37 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:37 AM – 04:10 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:10 AM – 05:43 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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