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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2025-11-22

भुवनेश्वर पंचांग — 22 नवम्बर 2025

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शनिवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 05:11 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 04:47 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसुकर्मातक 11:29 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 05:11 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:00 AM
सूर्यास्त05:06 PM
चन्द्रोदय07:45 AM
चन्द्रास्त06:27 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:10 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:24 AM – 05:12 AM
अमृत काल06:57 AM – 08:44 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:46 AM – 10:09 AM
गुलिक काल06:00 AM – 07:23 AM
यमगण्ड12:56 PM – 02:19 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त08:57 AM – 09:42 AM
दुर्मुहूर्त01:24 PM – 02:08 PM

दिन चौघड़िया

काल06:00 AM – 07:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:23 AM – 08:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:46 AM – 10:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:09 AM – 11:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:33 AM – 12:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:56 PM – 02:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:19 PM – 03:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:42 PM – 05:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:06 PM – 06:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:42 PM – 08:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:19 PM – 09:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:56 PM – 11:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:33 PM – 01:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:09 AM – 02:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:46 AM – 04:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:23 AM – 06:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle