VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2026-04-07
कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · मङ्गलवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष पञ्चमी | तक 04:35 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा · पाद 1 | तक 05:54 AM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | व्यतीपात | तक 04:16 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | तैतिल | तक 04:35 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:35 AM |
| सूर्यास्त | 06:03 PM |
| चन्द्रोदय | 10:51 PM |
| चन्द्रास्त | 08:43 AM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | मीन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| अभिजित मुहूर्त | 11:24 AM – 12:13 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:59 AM – 04:47 AM |
| अमृत काल | 07:35 PM – 09:23 PM |
| राहु काल | 02:56 PM – 04:29 PM |
| गुलिक काल | 11:49 AM – 01:22 PM |
| यमगण्ड | 08:42 AM – 10:15 AM |
| वर्ज्यम् | 08:48 AM – 10:36 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:34 AM – 11:24 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:53 PM – 02:43 PM |
| रोग | 05:35 AM – 07:08 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:08 AM – 08:42 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:42 AM – 10:15 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:15 AM – 11:49 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:49 AM – 01:22 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:22 PM – 02:56 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:56 PM – 04:29 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:29 PM – 06:03 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:03 PM – 07:29 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:29 PM – 08:56 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:56 PM – 10:22 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:22 PM – 11:49 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:49 PM – 01:15 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:15 AM – 02:42 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:42 AM – 04:08 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:08 AM – 05:35 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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