VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2026-07-02
कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वितीया | तक 09:38 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा · पाद 4 | तक 09:27 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | वैधृति | तक 04:39 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | गर | तक 09:38 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:10 AM |
| सूर्यास्त | 06:31 PM |
| चन्द्रोदय | 08:29 PM |
| चन्द्रास्त | 06:51 AM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | मिथुन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 11:23 AM – 12:17 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:34 AM – 04:22 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 01:30 PM – 03:10 PM |
| गुलिक काल | 08:30 AM – 10:10 AM |
| यमगण्ड | 05:10 AM – 06:50 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:10 PM – 02:04 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:44 PM – 05:37 PM |
| शुभ | 05:10 AM – 06:50 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 06:50 AM – 08:30 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:30 AM – 10:10 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:10 AM – 11:50 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:50 AM – 01:30 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:30 PM – 03:10 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:10 PM – 04:50 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:50 PM – 06:31 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 06:31 PM – 07:50 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:50 PM – 09:10 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:10 PM – 10:30 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:30 PM – 11:50 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:50 PM – 01:10 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:10 AM – 02:30 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:30 AM – 03:50 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:50 AM – 05:10 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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