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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2026-07-31

भुवनेश्वर पंचांग — 31 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 10:32 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 07:27 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसौभाग्यतक 11:54 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:04 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:21 AM
सूर्यास्त06:25 PM
चन्द्रोदय07:43 PM
चन्द्रास्त06:34 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:26 AM – 12:19 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:45 AM – 04:33 AM
अमृत काल07:41 AM – 09:24 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:15 AM – 11:53 AM
गुलिक काल06:59 AM – 08:37 AM
यमगण्ड03:09 PM – 04:47 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:34 AM – 11:26 AM
दुर्मुहूर्त02:03 PM – 02:55 PM

दिन चौघड़िया

चर05:21 AM – 06:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:59 AM – 08:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:37 AM – 10:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:15 AM – 11:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:53 AM – 01:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:31 PM – 03:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:09 PM – 04:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:47 PM – 06:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:25 PM – 07:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:47 PM – 09:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:09 PM – 10:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:31 PM – 11:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:53 PM – 01:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:15 AM – 02:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:37 AM – 03:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:59 AM – 05:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle