VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2026-10-09
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | तक 09:36 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी · पाद 2 | तक 09:19 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | ब्रह्म | तक 11:21 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 09:53 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 05:40 AM |
| सूर्यास्त | 05:28 PM |
| चन्द्रोदय | 04:18 AM |
| चन्द्रास्त | 04:27 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:10 AM – 11:57 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:04 AM – 04:52 AM |
| अमृत काल | 01:46 PM – 03:23 PM |
| राहु काल | 10:05 AM – 11:34 AM |
| गुलिक काल | 07:08 AM – 08:37 AM |
| यमगण्ड | 02:31 PM – 03:59 PM |
| वर्ज्यम् | 04:09 AM – 05:45 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:23 AM – 11:10 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:32 PM – 02:19 PM |
| चर | 05:40 AM – 07:08 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:08 AM – 08:37 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:37 AM – 10:05 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:05 AM – 11:34 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:34 AM – 01:02 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:02 PM – 02:31 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:31 PM – 03:59 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:59 PM – 05:28 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 05:28 PM – 06:59 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 06:59 PM – 08:31 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:31 PM – 10:02 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:02 PM – 11:34 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:34 PM – 01:05 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:05 AM – 02:37 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:37 AM – 04:08 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:08 AM – 05:40 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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