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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2026-10-24

भुवनेश्वर पंचांग — 24 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 01:37 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 2तक 08:32 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगव्याघाततक 08:01 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 01:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:45 AM
सूर्यास्त05:17 PM
चन्द्रोदय03:55 PM
चन्द्रास्त03:38 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:07 AM – 11:54 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:09 AM – 04:57 AM
अमृत काल03:37 PM – 05:10 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:38 AM – 10:04 AM
गुलिक काल05:45 AM – 07:11 AM
यमगण्ड12:57 PM – 02:24 PM
वर्ज्यम्06:16 AM – 07:50 AM
दुर्मुहूर्त08:49 AM – 09:35 AM
दुर्मुहूर्त01:26 PM – 02:12 PM

दिन चौघड़िया

काल05:45 AM – 07:11 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:11 AM – 08:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:38 AM – 10:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:04 AM – 11:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:31 AM – 12:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:57 PM – 02:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:24 PM – 03:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:50 PM – 05:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:17 PM – 06:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:50 PM – 08:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:24 PM – 09:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:57 PM – 11:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:31 PM – 01:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:04 AM – 02:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:38 AM – 04:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:11 AM – 05:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle