VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2026-11-09
कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, स्वाती नक्षत्र · सोमवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या | तक 12:32 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | स्वाती · पाद 4 | तक 07:24 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | सौभाग्य | तक 02:57 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | नाग | तक 12:32 PM | स्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म। |
| सूर्योदय | 05:52 AM |
| सूर्यास्त | 05:09 PM |
| चन्द्रोदय | 05:47 AM |
| चन्द्रास्त | 04:54 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:16 AM – 05:04 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 07:16 AM – 08:41 AM |
| गुलिक काल | 12:55 PM – 02:19 PM |
| यमगण्ड | 10:05 AM – 11:30 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:07 AM – 11:53 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 02:08 PM – 02:53 PM |
| अमृत | 05:52 AM – 07:16 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:16 AM – 08:41 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:41 AM – 10:05 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:05 AM – 11:30 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:30 AM – 12:55 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:55 PM – 02:19 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:19 PM – 03:44 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:44 PM – 05:09 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 05:09 PM – 06:44 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 06:44 PM – 08:19 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:19 PM – 09:55 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:55 PM – 11:30 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:30 PM – 01:05 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:05 AM – 02:41 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:41 AM – 04:16 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:16 AM – 05:52 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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