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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2026-11-18

भुवनेश्वर पंचांग — 18 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · बुधवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 06:05 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 1तक 06:10 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगध्रुवतक 08:05 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 06:05 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:57 AM
सूर्यास्त05:06 PM
चन्द्रोदय12:41 PM
चन्द्रास्त12:31 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:21 AM – 05:09 AM
अमृत काल10:27 PM – 12:09 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:31 AM – 12:55 PM
गुलिक काल10:07 AM – 11:31 AM
यमगण्ड07:20 AM – 08:44 AM
वर्ज्यम्12:13 PM – 01:55 PM
अभिजित मुहूर्त11:09 AM – 11:53 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:55 AM – 09:40 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:57 AM – 07:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:20 AM – 08:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:44 AM – 10:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:07 AM – 11:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:31 AM – 12:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:55 PM – 02:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:18 PM – 03:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:42 PM – 05:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:06 PM – 06:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:42 PM – 08:18 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:18 PM – 09:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:55 PM – 11:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:31 PM – 01:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:07 AM – 02:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:44 AM – 04:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:20 AM – 05:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle