VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2026-11-27
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शुक्रवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 09:49 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | आर्द्रा · पाद 3 | तक 03:08 PM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | शुभ | तक 11:51 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 09:49 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 06:03 AM |
| सूर्यास्त | 05:05 PM |
| चन्द्रोदय | 08:02 PM |
| चन्द्रास्त | 08:46 AM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:11 AM – 11:56 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:27 AM – 05:15 AM |
| अमृत काल | 06:15 AM – 07:41 AM |
| राहु काल | 10:11 AM – 11:34 AM |
| गुलिक काल | 07:25 AM – 08:48 AM |
| यमगण्ड | 02:19 PM – 03:42 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:27 AM – 11:11 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:24 PM – 02:08 PM |
| चर | 06:03 AM – 07:25 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:25 AM – 08:48 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:48 AM – 10:11 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:11 AM – 11:34 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:34 AM – 12:56 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:56 PM – 02:19 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:19 PM – 03:42 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:42 PM – 05:05 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 05:05 PM – 06:42 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 06:42 PM – 08:19 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:19 PM – 09:56 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:56 PM – 11:34 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:34 PM – 01:11 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:11 AM – 02:48 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:48 AM – 04:25 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:25 AM – 06:03 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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