VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2026-12-03
कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष दशमी | तक 11:04 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी · पाद 4 | तक 09:23 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | प्रीति | तक 09:15 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 10:54 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:07 AM |
| सूर्यास्त | 05:06 PM |
| चन्द्रोदय | 01:02 AM |
| चन्द्रास्त | 01:03 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:14 AM – 11:58 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:31 AM – 05:19 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 12:58 PM – 02:21 PM |
| गुलिक काल | 08:51 AM – 10:14 AM |
| यमगण्ड | 06:07 AM – 07:29 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 12:42 PM – 01:26 PM |
| दुर्मुहूर्त | 03:38 PM – 04:22 PM |
| शुभ | 06:07 AM – 07:29 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:29 AM – 08:51 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:51 AM – 10:14 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:14 AM – 11:36 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:36 AM – 12:58 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:58 PM – 02:21 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:21 PM – 03:43 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:43 PM – 05:06 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:06 PM – 06:43 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:43 PM – 08:21 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:21 PM – 09:58 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:58 PM – 11:36 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:36 PM – 01:14 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:14 AM – 02:51 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:51 AM – 04:29 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:29 AM – 06:07 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
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