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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2027-01-21

भुवनेश्वर पंचांग — 21 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · गुरुवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 09:30 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 3तक 01:24 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 06:08 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 11:22 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:25 AM
सूर्यास्त05:31 PM
चन्द्रोदय04:20 PM
चन्द्रास्त05:04 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:35 AM – 12:20 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:49 AM – 05:37 AM
अमृत काल05:02 AM – 06:27 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:21 PM – 02:44 PM
गुलिक काल09:11 AM – 10:34 AM
यमगण्ड06:25 AM – 07:48 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:04 PM – 01:49 PM
दुर्मुहूर्त04:02 PM – 04:46 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:25 AM – 07:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:48 AM – 09:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:11 AM – 10:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:34 AM – 11:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:58 AM – 01:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:21 PM – 02:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:44 PM – 04:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:07 PM – 05:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:31 PM – 07:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:07 PM – 08:44 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:44 PM – 10:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:21 PM – 11:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:58 PM – 01:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:34 AM – 03:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:11 AM – 04:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:48 AM – 06:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle