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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2027-03-01

भुवनेश्वर पंचांग — 1 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · सोमवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 02:07 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 04:27 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवज्रतक 11:11 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:54 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:07 AM
सूर्यास्त05:52 PM
चन्द्रोदय01:01 AM
चन्द्रास्त11:46 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:31 AM – 05:19 AM
अमृत काल06:44 AM – 08:32 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:35 AM – 09:03 AM
गुलिक काल01:27 PM – 02:55 PM
यमगण्ड10:31 AM – 11:59 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:36 AM – 12:23 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:44 PM – 03:31 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:07 AM – 07:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:35 AM – 09:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:03 AM – 10:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:31 AM – 11:59 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:59 AM – 01:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:27 PM – 02:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:55 PM – 04:23 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:23 PM – 05:52 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:52 PM – 07:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:23 PM – 08:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:55 PM – 10:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:27 PM – 11:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:59 PM – 01:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:31 AM – 03:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:03 AM – 04:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:35 AM – 06:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle