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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2027-03-25

भुवनेश्वर पंचांग — 25 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, स्वाती नक्षत्र · गुरुवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 12:38 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रस्वाती · पाद 2तक 07:39 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्याघाततक 07:32 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 12:38 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चन्द्रोदय08:56 PM
चन्द्रास्त07:18 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:28 AM – 12:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM – 04:59 AM
अमृत काल10:30 AM – 12:08 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:24 PM – 02:56 PM
गुलिक काल08:50 AM – 10:21 AM
यमगण्ड05:47 AM – 07:18 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:06 PM – 01:55 PM
दुर्मुहूर्त04:21 PM – 05:10 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:47 AM – 07:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:18 AM – 08:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:50 AM – 10:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:21 AM – 11:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:53 AM – 01:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:24 PM – 02:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:56 PM – 04:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:27 PM – 05:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:59 PM – 07:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:27 PM – 08:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:56 PM – 10:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:24 PM – 11:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:53 PM – 01:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:21 AM – 02:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:50 AM – 04:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:18 AM – 05:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

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स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle