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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2027-05-14

भुवनेश्वर पंचांग — 14 मई 2027

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, मघा नक्षत्र · शुक्रवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 07:39 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 12:42 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 08:50 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:26 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:11 AM
सूर्यास्त06:16 PM
चन्द्रोदय12:48 PM
चन्द्रास्त12:41 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:17 AM – 12:09 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:35 AM – 04:23 AM
अमृत काल09:34 AM – 11:07 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:05 AM – 11:43 AM
गुलिक काल06:49 AM – 08:27 AM
यमगण्ड02:59 PM – 04:37 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:25 AM – 11:17 AM
दुर्मुहूर्त01:54 PM – 02:46 PM

दिन चौघड़िया

चर05:11 AM – 06:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:49 AM – 08:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:27 AM – 10:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:05 AM – 11:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:43 AM – 01:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:21 PM – 02:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:59 PM – 04:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:37 PM – 06:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:16 PM – 07:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:37 PM – 08:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:59 PM – 10:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:21 PM – 11:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:43 PM – 01:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:05 AM – 02:27 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:27 AM – 03:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:49 AM – 05:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle