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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2027-05-20

भुवनेश्वर पंचांग — 20 मई 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 04:29 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रविशाखा · पाद 3तक 01:21 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगपरिघतक 10:26 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 04:29 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:08 AM
सूर्यास्त06:18 PM
चन्द्रोदय06:27 PM
चन्द्रास्त04:33 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:16 AM – 12:09 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:32 AM – 04:20 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:21 PM – 03:00 PM
गुलिक काल08:25 AM – 10:04 AM
यमगण्ड05:08 AM – 06:46 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:02 PM – 01:54 PM
दुर्मुहूर्त04:32 PM – 05:25 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:08 AM – 06:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:46 AM – 08:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:25 AM – 10:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:04 AM – 11:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:43 AM – 01:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:21 PM – 03:00 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:00 PM – 04:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:39 PM – 06:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:18 PM – 07:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:39 PM – 09:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:00 PM – 10:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:21 PM – 11:43 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:43 PM – 01:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:04 AM – 02:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:25 AM – 03:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:46 AM – 05:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle