VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2027-06-06

भुवनेश्वर पंचांग — 6 जून 2027

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · रविवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 06:41 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 1तक 02:08 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 08:25 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 08:20 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:06 AM
सूर्यास्त06:25 PM
चन्द्रोदय06:21 AM
चन्द्रास्त08:11 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:18 AM – 12:12 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:30 AM – 04:18 AM
अमृत काल04:16 PM – 05:42 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:45 PM – 06:25 PM
गुलिक काल03:05 PM – 04:45 PM
यमगण्ड11:45 AM – 01:25 PM
वर्ज्यम्07:39 AM – 09:05 AM
दुर्मुहूर्त04:38 PM – 05:31 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:06 AM – 06:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:45 AM – 08:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:25 AM – 10:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:05 AM – 11:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:45 AM – 01:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:25 PM – 03:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:05 PM – 04:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:45 PM – 06:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:25 PM – 07:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:45 PM – 09:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:05 PM – 10:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:25 PM – 11:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:45 PM – 01:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:05 AM – 02:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:25 AM – 03:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:45 AM – 05:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle