VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2027-08-02
कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, पुष्य नक्षत्र · सोमवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या | तक 03:35 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | पुष्य · पाद 2 | तक 05:09 PM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | सिद्धि | तक 06:32 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | नाग | तक 03:35 PM | स्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म। |
| सूर्योदय | 05:22 AM |
| सूर्यास्त | 06:24 PM |
| चन्द्रोदय | 05:02 AM |
| चन्द्रास्त | 06:21 PM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:46 AM – 04:34 AM |
| अमृत काल | 10:54 AM – 12:18 PM |
| राहु काल | 06:59 AM – 08:37 AM |
| गुलिक काल | 01:30 PM – 03:08 PM |
| यमगण्ड | 10:15 AM – 11:53 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:26 AM – 12:19 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 02:55 PM – 03:47 PM |
| अमृत | 05:22 AM – 06:59 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:59 AM – 08:37 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:37 AM – 10:15 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:15 AM – 11:53 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:53 AM – 01:30 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:30 PM – 03:08 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:08 PM – 04:46 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:46 PM – 06:24 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:24 PM – 07:46 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:46 PM – 09:08 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:08 PM – 10:30 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:30 PM – 11:53 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:53 PM – 01:15 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:15 AM – 02:37 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:37 AM – 03:59 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:59 AM – 05:22 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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