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VedicSpaceपंचांगचंडीगढ़ › 2026-09-04

चंडीगढ़ पंचांग — 4 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शुक्रवार · चंडीगढ़ (30.7333°, 76.7794°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चंडीगढ़ (30.7333°, 76.7794°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 12:14 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 1तक 11:04 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगहर्षणतक 03:44 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:21 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:01 AM
सूर्यास्त06:43 PM
चन्द्रोदय11:24 PM
चन्द्रास्त01:13 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:25 AM – 05:13 AM
अमृत काल08:04 PM – 09:35 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:46 AM – 12:22 PM
गुलिक काल07:36 AM – 09:11 AM
यमगण्ड03:32 PM – 05:07 PM
वर्ज्यम्03:34 PM – 05:04 PM
दुर्मुहूर्त11:05 AM – 11:56 AM
दुर्मुहूर्त02:29 PM – 03:19 PM

दिन चौघड़िया

चर06:01 AM – 07:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:36 AM – 09:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:11 AM – 10:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:46 AM – 12:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:22 PM – 01:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:57 PM – 03:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:32 PM – 05:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:07 PM – 06:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:43 PM – 08:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:07 PM – 09:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:32 PM – 10:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:57 PM – 12:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:22 AM – 01:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:46 AM – 03:11 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:11 AM – 04:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:36 AM – 06:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle