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VedicSpaceपंचांगचंडीगढ़ › 2027-01-30

चंडीगढ़ पंचांग — 30 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · चंडीगढ़ (30.7333°, 76.7794°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चंडीगढ़ (30.7333°, 76.7794°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 06:34 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 03:55 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगगण्डतक 04:02 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 05:41 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:16 AM
सूर्यास्त05:57 PM
चन्द्रोदय01:25 AM
चन्द्रास्त11:45 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:15 PM – 12:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:40 AM – 06:28 AM
अमृत काल07:38 PM – 09:22 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:56 AM – 11:16 AM
गुलिक काल07:16 AM – 08:36 AM
यमगण्ड01:56 PM – 03:16 PM
वर्ज्यम्09:12 AM – 10:56 AM
दुर्मुहूर्त10:06 AM – 10:49 AM
दुर्मुहूर्त02:23 PM – 03:06 PM

दिन चौघड़िया

काल07:16 AM – 08:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:36 AM – 09:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:56 AM – 11:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:16 AM – 12:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:36 PM – 01:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:56 PM – 03:16 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:16 PM – 04:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:36 PM – 05:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:57 PM – 07:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:36 PM – 09:16 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:16 PM – 10:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:56 PM – 12:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:36 AM – 02:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:16 AM – 03:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:56 AM – 05:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:36 AM – 07:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle