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VedicSpaceपंचांगचंडीगढ़ › 2027-03-01

चंडीगढ़ पंचांग — 1 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · सोमवार · चंडीगढ़ (30.7333°, 76.7794°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चंडीगढ़ (30.7333°, 76.7794°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 02:07 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 04:27 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवज्रतक 11:11 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:54 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त06:21 PM
चन्द्रोदय02:08 AM
चन्द्रास्त11:54 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:14 AM – 06:02 AM
अमृत काल07:27 AM – 09:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:16 AM – 09:42 AM
गुलिक काल02:01 PM – 03:28 PM
यमगण्ड11:09 AM – 12:35 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 12:58 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:16 PM – 04:02 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:50 AM – 08:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:16 AM – 09:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:42 AM – 11:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:09 AM – 12:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:35 PM – 02:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:01 PM – 03:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:28 PM – 04:54 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:54 PM – 06:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:21 PM – 07:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:54 PM – 09:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:28 PM – 11:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:01 PM – 12:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:35 AM – 02:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:09 AM – 03:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:42 AM – 05:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:16 AM – 06:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle