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VedicSpaceपंचांगचंडीगढ़ › 2027-04-21

चंडीगढ़ पंचांग — 21 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, स्वाती नक्षत्र · बुधवार · चंडीगढ़ (30.7333°, 76.7794°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चंडीगढ़ (30.7333°, 76.7794°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 03:30 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 04:44 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवज्रतक 04:10 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 03:40 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:49 AM
सूर्यास्त06:55 PM
चन्द्रोदय07:39 PM
चन्द्रास्त05:33 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:13 AM – 05:01 AM
अमृत काल07:39 PM – 09:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:22 PM – 02:00 PM
गुलिक काल10:43 AM – 12:22 PM
यमगण्ड07:27 AM – 09:05 AM
वर्ज्यम्09:56 AM – 11:33 AM
अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:48 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:18 AM – 10:11 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:49 AM – 07:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:27 AM – 09:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:05 AM – 10:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:43 AM – 12:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:22 PM – 02:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:00 PM – 03:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:38 PM – 05:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:16 PM – 06:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:55 PM – 08:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:16 PM – 09:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:38 PM – 11:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:00 PM – 12:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:22 AM – 01:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:43 AM – 03:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:05 AM – 04:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:27 AM – 05:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle