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VedicSpaceपंचांगचेन्नई › 2026-07-16

चेन्नई पंचांग — 16 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · गुरुवार · तमिलनाडु (13.0827°, 80.2707°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चेन्नई (13.0827°, 80.2707°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 08:53 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 2तक 07:52 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 01:22 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 08:53 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त06:40 PM
चन्द्रोदय07:40 AM
चन्द्रास्त08:28 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:49 AM – 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल06:13 PM – 07:42 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:51 PM – 03:27 PM
गुलिक काल09:02 AM – 10:38 AM
यमगण्ड05:50 AM – 07:26 AM
वर्ज्यम्09:21 AM – 10:49 AM
दुर्मुहूर्त01:32 PM – 02:23 PM
दुर्मुहूर्त04:57 PM – 05:48 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:50 AM – 07:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:26 AM – 09:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:02 AM – 10:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:38 AM – 12:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:15 PM – 01:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:51 PM – 03:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:27 PM – 05:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:03 PM – 06:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:40 PM – 08:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:03 PM – 09:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:27 PM – 10:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:51 PM – 12:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:15 AM – 01:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:38 AM – 03:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:02 AM – 04:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:26 AM – 05:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle