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VedicSpaceपंचांगचेन्नई › 2026-08-25

चेन्नई पंचांग — 25 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · मङ्गलवार · तमिलनाडु (13.0827°, 80.2707°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चेन्नई (13.0827°, 80.2707°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 06:21 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 2तक 10:51 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगआयुष्मान्तक 07:41 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:21 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:57 AM
सूर्यास्त06:25 PM
चन्द्रोदय04:36 PM
चन्द्रास्त03:15 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:21 AM – 05:09 AM
अमृत काल03:47 PM – 05:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:18 PM – 04:51 PM
गुलिक काल12:11 PM – 01:44 PM
यमगण्ड09:04 AM – 10:37 AM
वर्ज्यम्05:15 AM – 07:01 AM
दुर्मुहूर्त10:56 AM – 11:46 AM
दुर्मुहूर्त02:15 PM – 03:05 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:57 AM – 07:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:30 AM – 09:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:04 AM – 10:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:37 AM – 12:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:11 PM – 01:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:44 PM – 03:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:18 PM – 04:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:51 PM – 06:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:25 PM – 07:51 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:51 PM – 09:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:18 PM – 10:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:44 PM – 12:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:11 AM – 01:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:37 AM – 03:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:04 AM – 04:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:30 AM – 05:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle