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VedicSpaceपंचांगचेन्नई › 2026-09-02

चेन्नई पंचांग — 2 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, भरणी नक्षत्र · बुधवार · तमिलनाडु (13.0827°, 80.2707°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चेन्नई (13.0827°, 80.2707°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 06:13 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रभरणी · पाद 1तक 01:43 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 09:12 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 06:13 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:58 AM
सूर्यास्त06:20 PM
चन्द्रोदय10:03 PM
चन्द्रास्त10:10 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:22 AM – 05:10 AM
अमृत काल09:05 PM – 10:37 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:09 PM – 01:41 PM
गुलिक काल10:36 AM – 12:09 PM
यमगण्ड07:30 AM – 09:03 AM
वर्ज्यम्11:53 AM – 01:25 PM
अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:33 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:15 AM – 10:05 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:58 AM – 07:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:30 AM – 09:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:03 AM – 10:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:36 AM – 12:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:09 PM – 01:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:41 PM – 03:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:14 PM – 04:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:47 PM – 06:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:20 PM – 07:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:47 PM – 09:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:14 PM – 10:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:41 PM – 12:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:09 AM – 01:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:36 AM – 03:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:03 AM – 04:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:30 AM – 05:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle