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VedicSpaceपंचांगचेन्नई › 2026-11-07

चेन्नई पंचांग — 7 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · शनिवार · तमिलनाडु (13.0827°, 80.2707°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चेन्नई (13.0827°, 80.2707°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 10:48 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रचित्रा · पाद 1तक 05:52 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगप्रीतितक 03:27 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 10:48 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त05:41 PM
चन्द्रोदय04:16 AM
चन्द्रास्त04:07 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:29 AM – 12:15 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल11:14 PM – 12:54 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:58 AM – 10:25 AM
गुलिक काल06:04 AM – 07:31 AM
यमगण्ड01:19 PM – 02:46 PM
वर्ज्यम्01:10 PM – 02:50 PM
दुर्मुहूर्त09:09 AM – 09:56 AM
दुर्मुहूर्त01:48 PM – 02:35 PM

दिन चौघड़िया

काल06:04 AM – 07:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:31 AM – 08:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:58 AM – 10:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:25 AM – 11:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:52 AM – 01:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:19 PM – 02:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:46 PM – 04:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:13 PM – 05:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:41 PM – 07:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:13 PM – 08:46 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:46 PM – 10:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:19 PM – 11:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:52 PM – 01:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:25 AM – 02:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:58 AM – 04:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:31 AM – 06:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle