VedicSpace › पंचांग › चेन्नई › 2026-12-05
कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · शनिवार · तमिलनाडु (13.0827°, 80.2707°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चेन्नई (13.0827°, 80.2707°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वादशी | तक 12:52 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | चित्रा · पाद 4 | तक 11:49 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | सौभाग्य | तक 07:53 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | कौलव | तक 12:15 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:17 AM |
| सूर्यास्त | 05:41 PM |
| चन्द्रोदय | 03:03 AM |
| चन्द्रास्त | 02:46 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:36 AM – 12:21 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:41 AM – 05:29 AM |
| अमृत काल | 05:16 AM – 06:59 AM |
| राहु काल | 09:08 AM – 10:33 AM |
| गुलिक काल | 06:17 AM – 07:42 AM |
| यमगण्ड | 01:24 PM – 02:50 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:19 AM – 10:05 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:53 PM – 02:38 PM |
| काल | 06:17 AM – 07:42 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:42 AM – 09:08 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:08 AM – 10:33 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:33 AM – 11:59 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:59 AM – 01:24 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:24 PM – 02:50 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:50 PM – 04:15 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:15 PM – 05:41 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:41 PM – 07:15 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:15 PM – 08:50 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:50 PM – 10:24 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:24 PM – 11:59 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:59 PM – 01:33 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:33 AM – 03:08 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:08 AM – 04:42 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:42 AM – 06:17 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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