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VedicSpaceपंचांगचेन्नई › 2027-05-12

चेन्नई पंचांग — 12 मई 2027

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · बुधवार · तमिलनाडु (13.0827°, 80.2707°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चेन्नई (13.0827°, 80.2707°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 11:13 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपुष्य · पाद 3तक 02:56 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगगण्डतक 02:04 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 12:17 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त06:27 PM
चन्द्रोदय11:22 AM
चन्द्रास्त12:14 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:08 AM – 04:56 AM
अमृत काल08:38 AM – 10:09 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:05 PM – 01:40 PM
गुलिक काल10:30 AM – 12:05 PM
यमगण्ड07:19 AM – 08:54 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:40 AM – 12:30 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:07 AM – 09:58 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:44 AM – 07:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:19 AM – 08:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:54 AM – 10:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:30 AM – 12:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:05 PM – 01:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:40 PM – 03:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:16 PM – 04:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:51 PM – 06:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:27 PM – 07:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:51 PM – 09:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:16 PM – 10:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:40 PM – 12:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:05 AM – 01:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:30 AM – 02:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:54 AM – 04:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:19 AM – 05:44 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle