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VedicSpaceपंचांगचेन्नई › 2027-07-05

चेन्नई पंचांग — 5 जुलाई 2027

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · सोमवार · तमिलनाडु (13.0827°, 80.2707°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना चेन्नई (13.0827°, 80.2707°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 01:14 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 4तक 09:19 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्याघाततक 11:16 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 03:01 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त06:40 PM
चन्द्रोदय06:54 AM
चन्द्रास्त07:57 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM – 04:59 AM
अमृत काल06:59 AM – 08:24 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:23 AM – 09:00 AM
गुलिक काल01:50 PM – 03:26 PM
यमगण्ड10:36 AM – 12:13 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:39 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:13 PM – 04:05 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:47 AM – 07:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:23 AM – 09:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:00 AM – 10:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:36 AM – 12:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:13 PM – 01:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:50 PM – 03:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:26 PM – 05:03 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:03 PM – 06:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:40 PM – 08:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:03 PM – 09:26 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:26 PM – 10:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:50 PM – 12:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:13 AM – 01:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:36 AM – 03:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:00 AM – 04:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:23 AM – 05:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle