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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2025-11-04

शिकागो पंचांग — 4 नवम्बर 2025

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 11:06 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 1तक 10:10 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसिद्धितक 11:58 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 11:06 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:27 AM
सूर्यास्त04:41 PM
चन्द्रोदय03:59 PM
चन्द्रास्त05:13 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:13 AM – 11:54 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:51 AM – 05:39 AM
अमृत काल04:18 PM – 05:42 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:07 PM – 03:24 PM
गुलिक काल11:34 AM – 12:50 PM
यमगण्ड09:00 AM – 10:17 AM
वर्ज्यम्07:06 PM – 08:31 PM
दुर्मुहूर्त10:32 AM – 11:13 AM
दुर्मुहूर्त01:16 PM – 01:57 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:27 AM – 07:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:43 AM – 09:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:00 AM – 10:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:17 AM – 11:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:34 AM – 12:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:50 PM – 02:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:07 PM – 03:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:24 PM – 04:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:41 PM – 06:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:24 PM – 08:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:07 PM – 09:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:50 PM – 11:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:34 PM – 01:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:17 AM – 03:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:00 AM – 04:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:43 AM – 06:27 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle