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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2025-11-23

शिकागो पंचांग — 23 नवम्बर 2025

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, मूल नक्षत्र · रविवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 07:55 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमूल · पाद 4तक 07:58 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 01:06 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 07:55 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त04:24 PM
चन्द्रोदय10:17 AM
चन्द्रास्त06:40 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:17 AM – 11:56 AM
ब्रह्म मुहूर्त05:14 AM – 06:02 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:12 PM – 04:24 PM
गुलिक काल02:00 PM – 03:12 PM
यमगण्ड11:37 AM – 12:48 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:07 PM – 03:45 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:50 AM – 08:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:01 AM – 09:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:13 AM – 10:25 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:25 AM – 11:37 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:37 AM – 12:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:48 PM – 02:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:00 PM – 03:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:12 PM – 04:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ04:24 PM – 06:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:12 PM – 08:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:00 PM – 09:48 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:48 PM – 11:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:37 PM – 01:25 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:25 AM – 03:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:13 AM – 05:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:01 AM – 06:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle