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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-01-23

शिकागो पंचांग — 23 जनवरी 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 02:16 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 1तक 02:46 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशिवतक 02:31 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 02:16 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:11 AM
सूर्यास्त04:55 PM
चन्द्रोदय09:37 AM
चन्द्रास्त10:18 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:35 AM – 06:23 AM
अमृत काल11:12 PM – 12:47 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:50 AM – 12:03 PM
गुलिक काल08:24 AM – 09:37 AM
यमगण्ड02:29 PM – 03:42 PM
वर्ज्यम्01:44 PM – 03:18 PM
दुर्मुहूर्त11:04 AM – 11:43 AM
दुर्मुहूर्त01:40 PM – 02:19 PM

दिन चौघड़िया

चर07:11 AM – 08:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:24 AM – 09:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:37 AM – 10:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:50 AM – 12:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:03 PM – 01:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:16 PM – 02:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:29 PM – 03:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:42 PM – 04:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:55 PM – 06:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:42 PM – 08:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:29 PM – 10:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:16 PM – 12:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:03 AM – 01:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:50 AM – 03:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:37 AM – 05:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:24 AM – 07:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle