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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-01-29

शिकागो पंचांग — 29 जनवरी 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · गुरुवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 11:39 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 05:59 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगइन्द्रतक 08:57 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 01:02 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:06 AM
सूर्यास्त05:02 PM
चन्द्रोदय01:17 PM
चन्द्रास्त04:31 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:30 AM – 06:18 AM
अमृत काल11:02 AM – 12:30 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:18 PM – 02:33 PM
गुलिक काल09:35 AM – 10:49 AM
यमगण्ड07:06 AM – 08:20 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:03 PM – 01:43 PM
दुर्मुहूर्त03:42 PM – 04:22 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:06 AM – 08:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:20 AM – 09:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:35 AM – 10:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:49 AM – 12:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:04 PM – 01:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:18 PM – 02:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:33 PM – 03:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:47 PM – 05:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:02 PM – 06:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:47 PM – 08:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:33 PM – 10:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:18 PM – 12:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:04 AM – 01:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:49 AM – 03:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:35 AM – 05:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:20 AM – 07:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle