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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-03-12

शिकागो पंचांग — 12 मार्च 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, मूल नक्षत्र · गुरुवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 07:59 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमूल · पाद 3तक 02:13 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 12:01 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 06:57 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:07 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय03:42 AM
चन्द्रास्त11:58 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:36 PM – 01:24 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:31 AM – 06:19 AM
अमृत काल08:15 AM – 10:01 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:28 PM – 03:57 PM
गुलिक काल10:03 AM – 11:32 AM
यमगण्ड07:07 AM – 08:35 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:11 PM – 02:58 PM
दुर्मुहूर्त05:19 PM – 06:06 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:07 AM – 08:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:35 AM – 10:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:03 AM – 11:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:32 AM – 01:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:00 PM – 02:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:28 PM – 03:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:57 PM – 05:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:25 PM – 06:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:54 PM – 08:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:25 PM – 09:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:57 PM – 11:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:28 PM – 01:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:00 AM – 02:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:32 AM – 04:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:03 AM – 05:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:35 AM – 07:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle