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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-07-07

शिकागो पंचांग — 7 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, रेवती नक्षत्र · मङ्गलवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 01:52 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररेवती · पाद 1तक 05:30 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगअतिगण्डतक 02:08 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 02:29 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:23 AM
सूर्यास्त08:28 PM
चन्द्रोदय12:20 AM
चन्द्रास्त01:05 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:25 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:47 AM – 04:35 AM
अमृत काल02:31 AM – 04:06 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:41 PM – 06:34 PM
गुलिक काल12:55 PM – 02:48 PM
यमगण्ड09:09 AM – 11:02 AM
वर्ज्यम्05:05 PM – 06:39 PM
दुर्मुहूर्त11:25 AM – 12:25 PM
दुर्मुहूर्त03:26 PM – 04:26 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:23 AM – 07:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:16 AM – 09:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:09 AM – 11:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:02 AM – 12:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:55 PM – 02:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:48 PM – 04:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:41 PM – 06:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:34 PM – 08:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल08:28 PM – 09:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:34 PM – 10:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:41 PM – 11:48 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:48 PM – 12:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:55 AM – 02:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:02 AM – 03:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:09 AM – 04:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:16 AM – 05:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle