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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-08-22

शिकागो पंचांग — 22 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, मूल नक्षत्र · शनिवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 03:30 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमूल · पाद 1तक 07:14 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 07:44 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 03:30 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:06 AM
सूर्यास्त07:40 PM
चन्द्रोदय04:48 PM
चन्द्रास्त12:12 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:20 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:30 AM – 05:18 AM
अमृत काल12:10 AM – 01:57 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:29 AM – 11:11 AM
गुलिक काल06:06 AM – 07:47 AM
यमगण्ड02:34 PM – 04:16 PM
वर्ज्यम्01:24 PM – 03:11 PM
दुर्मुहूर्त09:43 AM – 10:37 AM
दुर्मुहूर्त03:08 PM – 04:02 PM

दिन चौघड़िया

काल06:06 AM – 07:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:47 AM – 09:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:29 AM – 11:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:11 AM – 12:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:53 PM – 02:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:34 PM – 04:16 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:16 PM – 05:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:58 PM – 07:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:40 PM – 08:58 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:58 PM – 10:16 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:16 PM – 11:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:34 PM – 12:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:53 AM – 02:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:11 AM – 03:29 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:29 AM – 04:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:47 AM – 06:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle