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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-09-06

शिकागो पंचांग — 6 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · रविवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 08:59 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 4तक 09:22 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 08:11 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 08:59 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:21 AM
सूर्यास्त07:16 PM
चन्द्रोदय12:47 AM
चन्द्रास्त04:45 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:22 PM – 01:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:45 AM – 05:33 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:39 PM – 07:16 PM
गुलिक काल04:02 PM – 05:39 PM
यमगण्ड12:48 PM – 02:25 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:32 PM – 06:24 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:21 AM – 07:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:57 AM – 09:34 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:34 AM – 11:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:11 AM – 12:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:48 PM – 02:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:25 PM – 04:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:02 PM – 05:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:39 PM – 07:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:16 PM – 08:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:39 PM – 10:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:02 PM – 11:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:25 PM – 12:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:48 AM – 02:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:11 AM – 03:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:34 AM – 04:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:57 AM – 06:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle