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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-10-19

शिकागो पंचांग — 19 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · सोमवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 02:20 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रश्रवण · पाद 1तक 07:32 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगधृतितक 02:05 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:25 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:07 AM
सूर्यास्त06:03 PM
चन्द्रोदय03:05 PM
चन्द्रास्त12:52 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:31 AM – 06:19 AM
अमृत काल09:13 PM – 10:58 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:29 AM – 09:51 AM
गुलिक काल01:57 PM – 03:19 PM
यमगण्ड11:13 AM – 12:35 PM
वर्ज्यम्10:40 AM – 12:25 PM
अभिजित मुहूर्त12:13 PM – 12:56 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:08 PM – 03:51 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:07 AM – 08:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:29 AM – 09:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:51 AM – 11:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:13 AM – 12:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:35 PM – 01:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:57 PM – 03:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:19 PM – 04:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:41 PM – 06:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:03 PM – 07:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:41 PM – 09:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:19 PM – 10:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:57 PM – 12:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:35 AM – 02:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:13 AM – 03:51 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:51 AM – 05:29 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:29 AM – 07:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle