VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-10-27

शिकागो पंचांग — 27 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · मङ्गलवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 05:37 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 02:56 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्यतीपाततक 08:48 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 07:06 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:17 AM
सूर्यास्त05:51 PM
चन्द्रोदय06:36 PM
चन्द्रास्त09:10 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 12:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:41 AM – 06:29 AM
अमृत काल02:02 AM – 03:29 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:12 PM – 04:31 PM
गुलिक काल12:34 PM – 01:53 PM
यमगण्ड09:55 AM – 11:14 AM
वर्ज्यम्05:19 PM – 06:47 PM
दुर्मुहूर्त11:30 AM – 12:12 PM
दुर्मुहूर्त02:19 PM – 03:01 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:17 AM – 08:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:36 AM – 09:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:55 AM – 11:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:14 AM – 12:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:34 PM – 01:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:53 PM – 03:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:12 PM – 04:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:31 PM – 05:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:51 PM – 07:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:31 PM – 09:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:12 PM – 10:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:53 PM – 12:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:34 AM – 02:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:14 AM – 03:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:55 AM – 05:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:36 AM – 07:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle